Skip to main content

Launch of Fourth Scorpene Class Submarine - VELA


Launch of Fourth Scorpene Class Submarine - VELA





 

Vela, the fourth Scorpene class submarine being constructed by Mazagon Dock Shipbuilders Limited for the Indian Navy, was launched today, on 06 May 2019, by Mrs Veena Ajay Kumar, wife of Dr Ajay Kumar, IAS, Secretary Defence Production, who was the Chief Guest on the occasion. VAdm AK Saxena, CWP&A was also present during the launching ceremony. This event reaffirms the steps taken by Mazagon Dock Shipbuilders Ltd (MDL) in the ongoing 'Make In India' programme, which is being actively implemented by the Department of Defence Production (MoD).


The submarine was towed to Mumbai Port Trust, for separation from the pontoon, after which she will undergo rigorous trials and tests, both in harbour and at sea before delivery to the Indian Navy.


The contract for the construction and Transfer-of-Technology for six Scorpene class submarines in series, has M/s Naval Group (formerly DCNS) of France as 'Collaborator' and are being built by MDL.


Cmde Rakesh Anand, Chairman and Managing Director, MDL said on the occasion that with the launching of the P15 B Destroyer 'Imphal' on 20 April 2019 and the, launching of Vela on 06 May 2019, were indeed some of the major events for MDL so far this year.


Presently Eight Warships and five submarines are under construction at MDL. MDL is one of the India's leading shipyards with a capacity to meet requirements of the Indian Navy.


The Scorpene class of submarines can undertake multifarious tasks typically undertaken by any modern submarine which include anti-surface as well as anti-submarine warfare. The transfer of technology involves appropriate technical support by Naval Group to MDL in the field of construction, integration and tests of the submarines in India which is achieved through transfer of technical data package to MDL through information system as well as on job training to MDL's personnel on critical technologies.


Leveraging the experience and the transfer-of-technology of the Scorpene project, with enhanced and upgraded infrastructure, MDL, is ready for undertaking construction of the future submarines.




Popular posts from this blog

छतरपुर जिला चिकित्सालय को मिलेअत्याधुनिक जांच उपकरण एस्सेल माइनिंग द्वारा सी-आर्म, रक्त जांच एवं अन्य उपकरण दान

 छतरपुर की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने के ध्येय को आगे बढ़ाते हुए एस्सेल माइनिंग द्वारा शुक्रवार को छतरपुर जिला चिकित्सालय में अत्याधुनिक सी-आर्म इमेजिंग डिवाइस, हाई फ़्लो नैज़ल कैनुला समेत त्वरित रक्त जांच उपकरण एवं मोरचुरी फ्रीजर भेंट किया गया।  जिला कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने फीता काटकर नई सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विजय पथोरिया एवं अस्पताल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। नए उपकरणों के साथ छतरपुर जिला चिकित्सालय के सुविधाओं में वृद्धि होने के साथ ही हजारों नागरिकों को नई जाँचों का लाभ मिल सकेगा और त्वरित जांच प्राप्त हो सकेगी।कलेक्टर श्री श्री संदीप जी आर द्वारा इस अवसर पर अस्पताल परिसर में पौधा रोपण भी किया गया।  एस्सेल माइनिंग द्वारा लगातार छतरपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बनाने में सतत योगदान दिया जा रहा है। पूर्व में गुरुवार को कंपनी द्वारा बक्सवाहा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बड़ा मलहरा विधायक श्री प्रद्युम्न सिंह लोधी की उपस्थिति में एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस भेंट की गई। वेंटीलेटर जैसी सुविधाओं के सा

कर्नाटका बैंक ने इक्विपमेंट फाइनेंसिंग बिजनेस के लिये जेसीबी इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी की

 कर्नाटका बैंक ने भारत में अर्थमूविंग एवं कंस्‍ट्रक्‍शन इक्विपमेंट बनाने वाली प्रमुख कंपनी जेसीबी इंडिया लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किये हैं। जेसीबी इंडिया लिमिटेड के साथ किए गए इस गठजोड़ की मदद से बैंक के एमएसएमई पोर्टफोलियो के तहत ऋण की सुविधा बेहतर होगी।   इस एमओयू के अंतर्गत, जेसीबी अपने फाइनेंस पार्टनर के तौर पर कर्नाटका बैंक को नॉमिनेट करेगी। परिणामस्‍वरूप, लोग/ठेकेदार/कंपनी/भागीदार कंपनियाँ/एलएलपी, आदि जेसीबी इंडिया लिमिटेड की उत्‍पाद श्रृंखला से विश्‍व-स्‍तरीय उपकरण खरीदने के लिये बैंक से प्रतिस्‍पर्द्धी ब्‍याज दरों पर लोन ले सकेंगे।    इस एमओयू पर हस्‍ताक्षर करने के बाद, कर्नाटका बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री महाबलेश्‍वरा एम.एस. ने कहा, “हमारा फोकस क्रेडिट विकास पर होने के नाते, बैंक एमएसएमई की फाइनेंसिंग में आगे रहता है। हम जेसीबी के साथ एमओयू पर हस्‍ताक्षर करके सचमुच खुश हैं, क्‍योंकि उत्‍कृष्‍टता, सत्‍यनिष्‍ठा और स्‍थायित्‍वपूर्ण विकास के हमारे मूल्‍य उनसे मिलते-जुलते हैं। हमारा बैंक अपने ग्राहकों को डिजिटल प्‍लेटफॉर्म के माध्‍यम से आकर्षक ब

*Reusable pads essential to make menstrual hygiene sustainable for all women and girls*

 If every woman and girl of menstruating age in India used disposable pads, 38,500,000,000 used pads would be discarded every month – an environmental disaster since each of these would take 500-800 years to degrade naturally XXX / May 26, 2021: Considering the immense non-biodegradable waste generated by disposable sanitary pads every month, sustainable menstrual hygiene in India can be achieved only with reusable pads made of organic material, said Anju Bist, Co-Director, Amrita SeRVe (Self Reliant Village) Program of Mata Amritanandamayi Math. Known as the “Pad Woman” of India for her zeal in promoting the use and reuse of sanitary pads made of cloth and banana fibre, she is the co-creator of Saukhyam Reusable Pads which have been awarded as the "Most Innovative Product" by the National Institute of Rural Development, Hyderabad. The pads were also lauded at the UN Climate Change Conference held in Poland in 2018. Said Anju Bist: “There are 355 million menstruating women an