जंगल, बाघ और जैव विविधता से मध्यप्रदेश की विश्व में पहचान - अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस समारोह में मुख्यमंत्री कमल नाथ


भोपाल।  मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि जंगल, बाघ और जैव विविधता के कारण मध्यप्रदेश की देश में ही नहीं, पूरे विश्व में पहचान है। श्री नाथ आज मिंटो हाल में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में बाघ और जंगल सुरक्षित हैं, तो इसका श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी को जाता है। श्री नाथ ने कहा कि 1980 में विरोध के बावजूद उन्होंने लोकसभा में फॉरेस्ट एक्ट पास करवाया। तब इसे विकास विरोधी कहा गया था। उन्होंने कहा कि इसी एक्ट ने हमारे देश की जैव विविधिता को न केवल संरक्षित किया, बल्कि संवर्धित भी किया।


कमल नाथ ने कहा कि भारत जैव विविधता के मामले में दुनिया का सबसे धनी देश है। उन्होंने कहा कि देश में जैव विविधता के साथ ही अन्य कई ऐसे फैसले लिये गये, जिनमें बाघों का संरक्षण भी शामिल है। इसके कारण ही हमारा देश बाघों की संख्या के मामले में पूरी दुनिया में अव्वल है। उन्होंने कहा कि बाघ हमारे इको सिस्टम का हार्ट हैं। यह एकमात्र प्राणी है, जिसके कारण हमारे देश में पर्यावरणीय संतुलन बना हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केन्द्रीय वन मंत्री के रूप में मध्यप्रदेश के वनों और बाघों के संरक्षण के लिए विशेष मदद उपलब्ध कराई। इसी का परिणाम है कि पेंच, संजय गांधी, और बांधवगढ़, नेशनल पार्क के रूप में विकसित हुए। उन्होंने कहा कि आज हमारा प्रदेश देश में ही नहीं, पूरे विश्व में बाघों की संख्या के मामले में अव्वल है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर अपने प्रदेश की इस संपदा की रक्षा के लिए आगे आना होगा। मुख्यमंत्री ने उन सभी लोगों को बधाई दी ,जो वनों और वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश को जो गौरव हासिल हुआ, इसमें हमारे वनकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।


मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 32 हजार बच्चों द्वारा तैयार की गई बाघ की कलाकृति बनाने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि वन्य-प्राणियों की रक्षा के लिए बच्चों को जागरूक बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बच्चों द्वारा बनाई गई बाघ की कलाकृति, 'बाघों की कहानी-मुन्ना की जुबानी' पुस्तिका और संजय टाइगर रिजर्व के प्रतीक चिन्ह का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने किंगडम ऑफ टाइगर्स फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें कलाकारों द्वारा बाघों पर बनाई गई विभिन्न मुद्राओं के चित्रों को प्रदर्शित किया गया है।


वन मंत्री उमंग सिंघार ने आभार प्रदर्शन किया। मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव वन के.के. सिंह, मुख्य वन संरक्षक एवं बड़ी संख्या में वन और वन्य-प्राणी प्रेमी उपस्थित थे।


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