मनगढ़ंत ख़बरों के साथ प्रतिभा सिंटेक्स को बदनाम करने की कोशिश


कुछ न्यूज़ पोर्टल्स और समाचार पत्रों द्वारा प्रतिभा सिंटेक्स को लेकर मनगढंत ख़बरें चलाई जा रही हैं, जिनमें कंपनी के ऊपर झूंठे आरोप लगाते हुए कहा जा रहा है कि कंपनी केमिकल्स युक्त पानी बड़ी मात्रा में बहा रही है और जिसके कारण क्षेत्र में प्रदुषण और बीमारियां फैल रही है. हालांकि प्रतिभा सिंटेक्स ऐसी सभी ख़बरों का सिरे से खंडन करती है और इसके मनगढ़त होने, सत्यता से परे फेक न्यूज चलाये जाने एवं पूर्णतः कंपनी को ब्लेकमेल व परेशान करने की नियत की पुष्टि करती है। 
कंपनी यह साफ़ कर देना चाहती है कि प्रतिभा सिन्टेक्स लिमिटेड द्वारा प्रत्येक स्तर पर अन्तर्राष्ट्रीय तकनीक अपनायी गयी है जिसके द्वारा न कोई प्रदुषण होता है और न ही किसी प्रकार के जान माल की हानि का खतरा होता है।  


मुख्य बिंदुः
प्रतिभा सिन्टेक्स लि. धागा बनाने से लेकर वस्त्र निर्माण का कार्य करती है एवं उत्पादन का 90 फीसदी निर्यात किया जाता है एवं जिसमें प्रत्यक्ष रूप से 8000 पुरूष एवं महिला श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ है वर्तमान में कारखाने में लगभग 4000 पुरूष श्रमिक एवं 4000 महिलायें कार्य करती हैं। प्रतिभा सिन्टेक्स लि. अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का संस्थान होने के कारण यहां अन्तर्राष्ट्रीय आधुनिक तकनीक अपनायी जाती है। 


कम्पनी द्वारा प्रदूषित पानी को साफ करने के लिए पूर्व में लगभग 5 करोड़ रूपये का थर्मेक्स कम्पनी एवं परमिओनिक्स मॅम्बरान्स कम्पनी द्वारा निर्मित ई.टी.पी. /आर.ओ.सिस्टम लगाये गये हैं जिससे प्रदुषित पानी को पूर्ण रूप से स्वच्छ कर लिया जाता है एवं उस पानी को पुनः उपयोग में लाये जाने लायक बना दिया जाता है। 
ईफल्यू एण्ट ट्रीटमेन्ट प्लांट ( ई.टी.पी.) द्वारा दूषित जल को साफ किया जाता है एवं इसके पश्चात इस जल को आर.ओ. प्लांट से गुजारा जाता है जिसके द्वारा 95 प्रतिशत पानी को शुद्ध कर के पुनः औद्योगिक उपयोग में लिया जाता है एवं शेष बचे हुए पानी को वाष्पीकृत कर खत्म कर दिया जाता है जो कि थर्मेक्स कम्पनी से आयात किया हुआ है, जिसकी क्षमता सन 2008 में 1300 किलो लीटर पानी प्रति दिन साफ करने की रहती थी वर्तमान में इसकी क्षमता 1500 किलो लीटर पानी प्रति दिन साफ करने की है। अतः इस आधार पर कहना तर्क संगत होगा कि हम किसी भी रूप में, किसी भी प्रकार का जल कम्पनी के बाहर नही छोड़़ते हैं। कम्पनी द्वारा लगभग 20 करोड़ रूपये के संयत्र लगाये गये है। इसी तारतम्य में पालुशन बोर्ड के सक्षम अधिकारी भी समय-समय पर आकर प्लांट का निरीक्षण करके उपयुक्त पाते हैं तथा समय समय पर उनके द्वारा जो निर्देश दिये जाते हैं उसमें सुधार कर कमियों को दूर किया जाता है, कंपर्नी ZERO DISCHARGE STATUS को मेंटेन करते हैं।   


इस सिस्टम द्वारा प्रदुषित पानी की कोई भी सम्भावना नहीं रह जाती है। मात्र 10 प्रतिशत पानी की मात्रा रिसाइकिल नहीं हो पाती है जिसको कि कम्पनी द्वारा एम.पी.पी.सी.बी. की गाइडलाइन के अन्तर्गत निर्मित सोलर पोण्ड (करीबन 65 मीटर 65 मीटर एरिया एवं गहराई 3 मीटर) में एकत्रित किया जाता है एवं उसे कनाडा में कटर्बोमिस्ट इवोप्रेटर द्वारा वाष्प किया जाता है, एवं जो हमारे पास 450 कि. लीटर की क्षमता का सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लांट है जिसके द्वारा पानी को शुद्ध किया जाता है एवं उसे कम्पनी के अन्दर लगाये गये 20000 यूकिलिप्टस के पेड़ों की सिंचाई करने के उपयोग में लाया जाता है। इस प्रकार कम्पनी पूरे पानी का सदउपयोग कम्पनी के अंतर्गत ही किया जाता है जिसके कारण कम्पनी पोलुशन कन्ट्रोल की गाइडलाइन जिरों डिस्चार्ज को मेन्टेन कर रही है।  


अतः उक्त आधार पर जब प्रतिभा सिंटेक्स द्वारा प्रदूषित पानी बाहर छोड़ा ही नही जाता है तो इस प्रकार की अफवाहें पूर्णतः मनगढ़त भ्रामक, तथ्यहीन, आधारहीन एवं बेबुनियाद होने के कारण खारिज करने योग्य है।

Popular posts from this blog

Trending Punjabi song among users" COKA" : Sukh-E Muzical Doctorz | Alankrita Sahai | Jaani | Arvindr Khaira | Latest Punjabi Song 2019

*Aakash Institute Student Akanksha Singh from Kushinagar (UP) Secures AIR 2nd Nationally in the NEET 2020 Examination; Scores Highest ever marks in NEET’s history, Top Score at National Level, Becomes Inspiration for many Girls in Purvanchal*

*Amrita Vishwa Vidyapeetham First Indian University to Partner with EU’s Human Brain Project*