Skip to main content

एकल ग्राम संगठन महिला समिति की कार्यशाला का आयोजन


इंदौर August 3, 2019 : दस्तूर गार्डन, गुमास्ता नगर, इंदौर में एकल ग्राम संगठन की संभाग, भाग व अंचल समिति की कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान एकल ग्राम संगठन महिला समिति संभाग की अध्यक्ष व केंद्रीय प्रतिनिधि श्रीमती सुषमा चौधरी, मालवा भाग समिति के संरक्षक डॉ श्री बी डी सिंघल के साथ, सचिव राज कुमार रामगढ़िया जी, वनबंधु परिषद महिला समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगर व ग्राम समिति की मार्गदर्शक गीता जी मूंदड़ा, वनबंधु परिषद महिला समिति की चेयर पर्सन, श्रीमती विनीता जी जाजू, मध्यभारत संभाग विकास प्रमुख, नवनीत जी कर्मा और संभाग प्रमुख श्री धनीराम जी कावड़े मौजूद रहे. कार्यक्रम का हिस्सा बने अन्य पदाधिकारियों में, भाग अध्यक्ष सरस्वती जी महेश्वरी व मोहिनी जी गुप्ता, रतलाम से हेमलता जी मालपानी, भाग सचिव शशि कावरा एवं भाग भोपाल से मंजूषा जी शाही मौजूद रही.  

इस दौरान सभा के मूल उद्देश्य को बताते हुए श्रीमती सुषमा चौधरी ने कहा कि, "इस सभा के आयोजन का उद्देश्य, परस्पर मेल जोल होते रहना एवं एक ही स्थान पर भाग संभाग एवं अंचल समिति का मिलना आवश्यक है. इससे विचारों का आदान प्रदान होता है. गांव पढ़ेगा, तो देश बढ़ेगा, इसी सूत्र से हम सभी एकल अभियान के साथ बंधे हुए हैं. ऐसे सम्मेलनों से सभी के भीतर कार्य करने की नयी स्फूर्ति का निर्वहन होता है. हमारा लक्ष्य है हमारी कार्य पद्धति  का स्वरुप, विभिन्न पदों की जिम्मेदारियां, कार्य क्षमता बढ़ाने, आपसी समन्वय, पाँचों आयामों पर चर्चा होना एवं मार्गदर्शन लेना है ताकि हम आने वाले वक़्त में और अधिक सुढ़ृड़ संगठन के रूप में कार्य कर सकें. गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हमें इसी प्रकार की कार्यशालाओं का गठन सभी अंचलों में करना होगा. " 

भाग अध्यक्ष सरस्वती जी महेश्वरी ने सभी अंचलों के कार्यों व कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला. तत्पश्चात, श्रीमती सुषमा चौधरी ने अंचल बहनों के बीच माननीय श्याम जी के व्हाट्सऐप मैसेज का सार समझाया. इसके बाद संगठन की सुदृढ़ता का महत्व बताने के लिए श्रीमति गीता जी मूंदड़ा को आमंत्रित किया गया. 

एकल अभियान के अंतर्गत एकल ग्राम संगठन के कार्यकर्ता प्रदेश के विभिन्न छोटे बड़े गावों व कस्बों में जाकर अशिक्षित बच्चों व उनके अभिभावकों को शिक्षा प्रदान करने का काम करते हैं। जहां उन्हें शिक्षा, संस्कार, जागरूकता, स्वस्थ्य जैसे पांच आयामों के जरिये शिक्षा के महत्त्व को समझाया जाता है। बच्चों को पढ़ाने के लिए संबंधित गांव के ही शिक्षकों को जोड़ा जाता है ताकि किसी प्रकार से भाषा की दिक्कत का सामना न करना पड़े। एकल विद्यालय के अंतर्गत एक कक्षा में कुल 30 विद्द्यार्थी शामिल होते है। पोषण वाटिका के जरिये बच्चों के अभिभावकों को शिक्षा व संस्कार के बारे में जागरूक किया जाता है। मौजूदा समय में एकल विद्यालय के बच्चों की संख्या 11 लाख के करीब पहुंच चुकी है और इसे देश के कई राज्यों तक फैलाने का कार्य किया जा रहा है।


Popular posts from this blog

छतरपुर जिला चिकित्सालय को मिलेअत्याधुनिक जांच उपकरण एस्सेल माइनिंग द्वारा सी-आर्म, रक्त जांच एवं अन्य उपकरण दान

 छतरपुर की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने के ध्येय को आगे बढ़ाते हुए एस्सेल माइनिंग द्वारा शुक्रवार को छतरपुर जिला चिकित्सालय में अत्याधुनिक सी-आर्म इमेजिंग डिवाइस, हाई फ़्लो नैज़ल कैनुला समेत त्वरित रक्त जांच उपकरण एवं मोरचुरी फ्रीजर भेंट किया गया।  जिला कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने फीता काटकर नई सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विजय पथोरिया एवं अस्पताल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। नए उपकरणों के साथ छतरपुर जिला चिकित्सालय के सुविधाओं में वृद्धि होने के साथ ही हजारों नागरिकों को नई जाँचों का लाभ मिल सकेगा और त्वरित जांच प्राप्त हो सकेगी।कलेक्टर श्री श्री संदीप जी आर द्वारा इस अवसर पर अस्पताल परिसर में पौधा रोपण भी किया गया।  एस्सेल माइनिंग द्वारा लगातार छतरपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बनाने में सतत योगदान दिया जा रहा है। पूर्व में गुरुवार को कंपनी द्वारा बक्सवाहा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को बड़ा मलहरा विधायक श्री प्रद्युम्न सिंह लोधी की उपस्थिति में एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस भेंट की गई। वेंटीलेटर जैसी सुविधाओं के सा

*Reusable pads essential to make menstrual hygiene sustainable for all women and girls*

 If every woman and girl of menstruating age in India used disposable pads, 38,500,000,000 used pads would be discarded every month – an environmental disaster since each of these would take 500-800 years to degrade naturally XXX / May 26, 2021: Considering the immense non-biodegradable waste generated by disposable sanitary pads every month, sustainable menstrual hygiene in India can be achieved only with reusable pads made of organic material, said Anju Bist, Co-Director, Amrita SeRVe (Self Reliant Village) Program of Mata Amritanandamayi Math. Known as the “Pad Woman” of India for her zeal in promoting the use and reuse of sanitary pads made of cloth and banana fibre, she is the co-creator of Saukhyam Reusable Pads which have been awarded as the "Most Innovative Product" by the National Institute of Rural Development, Hyderabad. The pads were also lauded at the UN Climate Change Conference held in Poland in 2018. Said Anju Bist: “There are 355 million menstruating women an

*GLENEAGLES GLOBAL HEALTH CITY PERFORMS WORLD’S SECOND SUCCESSFUL PEDIATRIC COMBINED LIVING DONOR LIVER AND KIDNEY TRANSPLANT FOR A RARE GENETIC LIVER DISORDER*

 12-year-old boy with rare liver disease undergoes successful multi-organ transplant making him the 2nd case in the world and 1st in the country Chennai, 7th December, 2021: Gleneagles Global Health City (GGHC), a leading multi-organ transplant centre in Asia, successfully performed India’s first live donor liver and kidney transplant on a 12-year-old who was suffering from a rare genetic disorder – Primary Hyperoxaluria type 2. Master Anish*, a 12-year-old, was referred from Bangalore with renal failure and had been on dialysis three times a week. Doctors in Bangalore had diagnosed him with a rare genetic disorder called Primary Hyperoxaluria (PH) type- II, which is a liver condition that results in accumulation of oxalate in the kidneys, heart and bones and other organ systems of the body. As the disease is primarily based in the liver, these patients need combined liver and kidney transplantation for cure which is a major undertaking, especially in a child.  Across the world, there