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एण्ड टीवी के ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ में यह परिवार का समय है सारिका बहरोलिया को एण्ड टीवी में मिला अपना रील परिवारl


परिवार हमारी ताकत का आधार होता है; एक परिवार का होना किसी नेमत से कम नहीं। जो लोग मुंबई के नहीं है, उनके लिये परिवार का एक अलग ही मतलब है! इस बात को सारिका बहलोरिया यानी हमारी प्यारी गुड़िया से बेहतर भला कौन जान सकता है। जब से ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ की शूटिंग शुरू हुई है तब से ही वह अपने परिवार से दूर हैं। ऐसा पहली बार है कि वह इतने लंबे समय तक अपने परिवार से दूर हैं और मौजूदा लाॅकडाउन की वजह से, वह ग्वालियर नहीं जा पायीं। लेकिन हमारी गुड़िया खुशकिस्मत है कि उन्हें मुंबई में ही एक परिवार मिल गया है!


‘इंटरनेशनल डे आॅफ फैमिलीज़’ के मौके पर, हम आपको ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ के गुप्ता परिवार से मिलवायेंगे और दिखायेंगे कि उनका रिश्ता कितना गहरा है।


परदे पर सारिका के पिता की भूमिका निभा रहे, रवि महाशब्दे हर दिन इस बात का ध्यान रखते हैं कि उनकी गुड़िया इस शहर में अकेला महसूस ना करें। इस बारे में वह कहते हैं, ‘‘सारिका मेरे लिये बेटी से कम नहीं है। कोई इस बात की कल्पना नहीं कर सकता कि इतने मुश्किल समय में अपने परिवार से दूर रहना कितना तकलीफदेह हो सकता है। वैसे, मुंबई में यहां हम ही उनका परिवार हैं। हम हर दिन दिन एक-दूसरे का हाल-चाल जानने के लिये एक बार काॅल जरूर करते हैं, कई बार तो दिन में दो बार भी काॅल कर लेते हैं। मैं उनका हौसला बनाये रखने की कोशिश करता हूं और इस बात का भी ध्यान रखता हूं कि वह परेशान न हो।  ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ की पूरी टीम उन्हें सपोर्ट करने और उनकी सुरक्षा के लिये मौजूद है। मैं कह सकता हूं कि सारिका एक बहुत ही प्यारी लड़की है और काफी हिम्मती भी!’’


परदे पर गुड़िया के भाई पप्पू की भूमिका रहे मनमोहन तिवारी कहते हैं- इस शो में आप जो परिवार देखते हैं वह केवल डायलाॅग और आॅन-स्क्रीन केमेस्ट्री तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उससे कहीं ऊपर है। सबके बीच बहुत ही मजबूत भावनात्मक रिश्ता है, जो हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। हम सब एक असली परिवार की तरह एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। यह खूबसूरत रिश्ता एक साथ शूटिंग करने, एक साथ मिलकर खाने, एक साथ अच्छा बिताने से बना है। मैं इतने बेहतरीन परिवार को बहुत मिस करता हूं, खासकर गुड़िया को। वह परदे के बाहर भी मेरी बहन बन गयी है और उनके साथ समय नहीं बिता पाना काफी खल रहा है। मैं अक्सर उनसे बात करता रहता हूं कि वह ठीक हैं या नहीं।’’


इस शो में गुड़िया की मां की भूमिका निभा रहीं, समता सागर को हर दिन उनका ख्याल आता है। ‘इंटरनेशनल डे आॅफ फैमिलीज़’ के मौके पर समता कहती हैं, ‘‘जब से यह शो शुरू हुआ है गुड़िया अकेले ही रह रही है और उसे अपने परिवार की बहुत याद आती है। लेकिन वह एक हिम्मती लड़की की तरह लड़ रही है! मैं उनसे बात करती रहती हूं और हर दिन मुझे उनका ख्याल रहता है। मेरी प्रार्थनाओं में भी वह होती हैं। हम सब उनके लिये मौजूद हैं।’’


वह आगे कहती हैं, ‘‘मुझे याद है शूटिंग के दिनों में, हम एक साथ खाना खाने की कोशिश करते थे। अभी भले ही हम आमने-सामने एक-दूसरे के लिये नहीं हैं लेकिन कोई ऐसी ताकत है जिसने हमें एक-दूसरे से जोड़े रखा है। सारिका, मनमोहन, श्वेता, रवि, हम हमेशा ही एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।’’
गुड़िया की फेवरेट भाभी श्वेता राजपूत उर्फ स्वीटी कहती है, ‘‘हर किसी के लिये यह एक मुश्किल समय है, खासकर जो अपने परिवार के साथ नहीं हैं। हमारी गुड़िया भी मुंबई में अकेले रहती हैं, लेकिन हम कोशिश करते हैं कि उस चुलबुलेपन की चमक धुंधली ना पड़े। सेट पर भी वह सबसे छोटी हैं, इसलिये शो के सभी सदस्यों की प्यारी हैं। सारिका और मैं अक्सर बहुत सारी चीजों के बारे में बात करते हैं। जब हम कैमरे के बाहर होते हैं तो भी वह मुझे भाभी कहकर बुलाती हैं। मैं हमेशा ही काम करने का एक सहज माहौल चाहती थी, जिनके साथ मैं बात कर सकूं और उनसे जुड़ सकूं, और यह मेरे लिये वैसा ही परिवार है।’’


सारिका बहलोरिया मुंबई में अपना दूसरा परिवार पाकर बेहद खुश हैं, उनका कहना है, ‘‘इस लाॅकडाउन ने मुझे काफी कुछ सिखाया है और मेरी उम्मीदों से भी काफी अच्छा रहा है। पहले तो समय काटना काफी मुश्किल हो रहा था, क्योंकि मैं कभी अकेले नहीं रही हूं। जल्द ही जब रवि सर, समता मैम, मनमोहन भैय्या और श्वेता भाभी सब एक साथ मुझे काॅल करने लगे तो मुझे अहसास हो गया है कि अब मेरे दो परिवार है। मुझे नहीं पता था कि सब मुझसे इतना प्यार करते हैं। इससे ना केवल मेरे अंदर ताकत आयी, बल्कि उन सबके साथ अपने रिश्ते को और भी मजबूत बनाने में मदद मिली। मुझे ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ के सेट पर अपना पूरा परिवार मिल गया है!’’


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