जैविक भोजन- स्वस्थ जीवन जीने की एक राहl


पिछले कुछ दिनों से, दुनिया निरंतर गंभीर महामारी के कहर से गुजर रही है जिसने न सिर्फ लोगों को परेशान किया है बल्कि उनके जीवन को भी प्रभावित किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने के बाद, इस महामारी के प्रकोप से दुनिया अब पूरी तरह टूट चुकी है। कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि कई लोग इससे लड़ रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर है लेकिन क्या हम पर्याप्त सावधानी बरत रहे हैं? इस समय अब यह बहुत जरुरी हो गया है कि हमें अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना होगा और यह सीधे इस बात पर निर्भर करता हैं कि हम किस तरह के भोजन को ग्रहण कर रहे हैं। अगर हम अपने आप को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखना चाहते हैं, तो हमें  अपने आहार में जैविक खाद्य पदार्थों को शामिल करना होगा।


कई शोधों ने साबित कर दिया है कि आर्गेनिक फ़ूड हमारे द्वारा रोज़ाना खाएं जाने वाले फ़ूड की तुलना में अधिक स्वास्थ्यवर्धक है। इस तरह के भोजन में पूरी तरह से रसायनों या सिंथेसाइज़र की कमी होती है जिसका मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। किसी भी रसायनों और उर्वरकों का उपयोग किए बिना आर्गेनिक फ़ूड तैयार किया जाता है और इसलिए यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद करता है। इस समय, जहां हम कोविड-19 जैसे हानिकारक जानलेवा वायरस से प्रभावित होने के खतरे से घिरे हैं, ऐसे में आर्गेनिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना अत्यंत आवश्यक है, जो हमारे शरीर में वायरस से लड़ने और इससे होने वाले संक्रमण को खत्म करने की क्षमता को बढ़ाएगा। इसके अतिरिक्त, आर्गेनिक खाद्य पदार्थ एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।


श्री अतुल मालिकराम के अनुसार, “वर्तमान में हम कोरोना वायरस के खिलाफ हमारे शरीर रूपी हथियार के साथ युद्ध कर रहे हैं। इसलिए एक हथियार की तरह, हमारे शरीर को हर समय मजबूत और तेज होना चाहिए। आर्गेनिक भोजन हमें पोषण प्रदान करता है और अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में बहुत पौष्टिक होता है। इसके अलावा, आर्गेनिक खाद्य पदार्थ हमेशा ताजा होते हैं और इनमें कोई कृत्रिम स्वाद और रसायन नहीं होते हैं। यह हमारे शरीर को सक्रिय और दिमाग को तरोताजा रखता है, साथ ही हमारे दिन को  प्रोडक्टिव बनाता है। 


 



एक स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखना सभी का अपना निजी मामला है। कोविड-19 के कारण हमारी आम जिंदगी में अचानक उथल-पुथल हो गई है. इस जानलेवा महामारी से  हमें अपनी और अपनों की जिंदगी को सुरक्षित रखना है. याद रखें स्वस्थ शरीर स्वस्थ दिमाग का प्रतीक है।


Popular posts from this blog

सोनी सब के ‘काटेलाल एंड संस' में क्या गरिमा और सुशीला की सच्चाई धर्मपाल के सामने आ जाएगी

*Amrita Vishwa Vidyapeetham First Indian University to Partner with EU’s Human Brain Project*

*Meritnation registers impressive growth among Premium Users during lockdown; Clocks Four-Fold growth in Live Class Usage*