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एण्डटीवी के ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ ने पूरा किया एक साल इस अवसर पर सारिका बहरोलिया ने याद किए इस शो से जुड़े ‘पाँच मजेदार पल‘

पिछले साल एण्डटीवी ने ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’ के साथ मध्यप्रदेश के मजबूत स्थानीय तड़के वाली एक तरोताजा और घरेलू कहानी शुरू की थी। अपने लाॅन्च के बाद से ही इस शो ने अपनी हल्के-फुल्के अंदाज वाली कहानी और अपनी मुख्य नायिका गुड़िया (सारिका बहरोलिया) की सादगी व उत्साह से दर्शकों को बांध लिया था। इस शो में मुख्य भूमिका के लिये ग्वालियर की सारिका को चुना गया था। तब से सारिका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा! ग्वालियर से मुंबई की उनकी यात्रा काफी असाधारण और यादगार रही! उन्हें अपने साथी कलाकरों और तकनीशियनों में एक नया परिवार मिला और उन्होंने अपने प्रशंसकों से बहुत प्यार और सराहना भी बटोरी, खासकर ग्वालियर के लोगों से! इस शो को एक साल पूरा हो चुका है और सारिका, यानि गुड़िया इस शो से जुड़े अपने पाँच सबसे अच्छे पलों को साझा कर रही हैं!


 


चटोरी गुड़िया ने मारी तालाब में छलांग!- गुड़िया एक चटोरी है, जो स्वादिष्ट भोजन देखकर खुद को रोक नहीं पाती है और पेट फटने तक खाती रह सकती है! उसकी इस आदत से परेशान सरला (समता सागर) गुड़िया से पूरे दिन उपवास करवाती है! इसमें सरला का साथ देते हैं राधे, पप्पू और स्वीटी, जो पूरे दिन गुड़िया को कुछ नहीं खाने देते हैं। इससे नाराज गुड़िया गुस्से में आकर पास के एक तालाब में कूद जाती है।


 


शरारती गुड़िया एक परफेक्ट बंदरिया बन जाती है- गुड़िया के लिये एक अच्छा दूल्हा ढूंढने के सरला के प्रयास विफल होने पर वह अपनी सहेली के कहने पर एक बाबा से मिलती है। वैसे तो बाबा मंत्र और पूजा बताते हैं, लेकिन इस सनकी बाबा ने एक अजीब तरीका बताया है, वह यह है कि गुड़िया को 11 दिनों के लिये एक बंदरिया बना दिया जाए! अपनी चुहलबाजी को दिखाने और सरला को अंधविश्वास से बचाने के लिये इस मौके का फायदा उठाते हुए, गुड़िया स्वीटी (श्वेता राजपूत) की मदद से एक बंदर जैसे कपड़े पहन लेती है। नटखट गुड़िया इस नये रूप से सभी को परेशान करती है, जब तक कि उन्हें समझ में नहीं आता कि बाबा पर विश्वास कर उन्होंने गलती की है।


 


जब भौहें उड़ गईं- पूरा परिवार उस लड़के के स्वागत की तैयारी कर रहा है, जो गुड़िया को देखने आने वाला है, लेकिन उन्हें पता नहीं है कि आगे क्या होने वाला है! लड़के से मिलने के लिये गुड़िया अपनी भाबी स्वीटी की मदद से सजने में व्यस्त है और अपने चेहरे पर गलती से फेस पैक की जगह हेयर रिमूवल क्रीम लगा लेती है, जिससे उसकी भौंहें पूरी तरह हट जाती हैं। पूरा परिवार चैंक जाता है और सोचता है कि इस स्थिति को कैसे संभालें। लेकिन अपने बेधड़क एटिट्यूड के साथ गुड़िया इस विचित्र समस्या का समाधान ढूंढ लेती है।


 


जब गुड़िया और गुड्डू का हुआ सामना- गुड्डू (करम राजपाल) शहर में नया है और पास की हवेली में रहने आया है। वह एक बाल ब्रह्मचारी और पहलवान है, और मताई (किशन भान) से उसका कुश्ती मुकाबला होना है। गुप्ता परिवार बाहें फैलाकर नये पड़ोसी का स्वागत करता है और कुश्ती का मजा लेता है। लेकिन अगले दिन गुड़िया सफाई करते हुए बल्लू की हवेली में गुड्डू को देखती है और उसे गलती से चोर समझकर उसके साथ खूब बहस करती है।


 


जब गुड़िया गलती से गुड्डू को गदा से मार देती है- जब से गुड्डू पड़ोस की हवेली में रहने आया है, उसकी गुड़िया से अनबन चल रही है। गुड़िया गुड्डू को भगाना चाहती है और हमेशा इसके लिये योजना बनाती रहती है, लेकिन उसकी सारी कोशिशें बेकार जाती हैं। गुड़िया को सबक सिखाने के लिये गुड्डू मताई की मदद लेता है और बदले में उसे मलीहाबाद भेजने में मदद देने का वादा करता है। गुड्डू को परेशान करने के लिये गुड़िया और बंटू उसकी ‘गदा‘ चुराने की कोशिश करते हैं, लेकिन गलती से गुड्डू को ही गदा से मार देते हैं। मौके पे चैका मारते हुए गुड्डू मरने का नाटक करता है और बंटू और गुड़िया घबरा जाते हैं और फिर उस जगह से भाग जाते हैं।


 


आने वाले दिनों में और भी मजेदार, नाटकीय और मनोरंजक एपिसोड्स होंगे। तो देखते रहिये ‘गुड़िया हमारी सभी पे भारी’, प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार, रात 8 बजे, केवल एण्डटीवी पर!


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